यह इश्क इक जुनूं है, या है कोई इबादत |
हर कोई हो रहा है, कहीं ना कहीं आहत ||
कोई करता है सियासत, देता कोई इजाज़त |
दो दिलों की जरूरत, नाम इसका बस है चाहत ||
छिप ना पाये कोई राज, कोई ऐसी दवा दे दे |
जो चाहे वो मिल जाये, कोई ऐसी दुआ दे दे ||
यह तो शर्म की लाली, ढक देती दिल की बातें |
दिल उड़के चला आये, कोई ऐसी हवा दे दे ||
न मांगू मैं कोई शबनम, ना जन्नती नीर माँगू मैं
न माँगू मैं कोई लैला, ना कोई हीर माँगू मैं
मेरे खुदा तेरी रहमत थोड़ी मुझ पर जो हो जाये
वो कर ले हमे भी याद, बस यह तकदीर माँगू मैं
प्यासा है मेरा सावन, प्यासा मेरा जुनूं है
मेरे दिल का हर जर्रा, तेरे दिल से रूबरू है
तेरे तन पे समाई, मेरे मन की आबरू है
लगे ख़त्म आशिकी है, लगी हुई अब शुरू है
इस काव्य संग्रह में 30 गीत, 15 मुक्तक और 5 ग़ज़ल हैं| जिनमें गीतों की प्रारम्भिक मुखड़े पंक्ति इस प्रकार है
काव्य सूची
गीत
1 इक चिंगारी सुलगाके, दिल को तु राख कर गई
पहले डूबे थे नैना, अब नैनों में उतर गई.........................
2 ये दिल की कश्ती है, बह जाये तो बह जाये
बात लब तक आकर के, रह जाये तो रह जाये....................
3 रोज रोज ख्वाबों में, खोज – खोज ना आया करो
अच्छा आ भी जाओ, पर नखरे संग ना लाया करो....................
4 मेरी जिन्दगी का मकसद, बस है तुम्हारा साथ ...........
5 कदम जो ये बहक जाये, सहारा तुम दे देना .........
6 मेरे दिल के पिंजरे में, इक चिड़िया रहती है ............
7 क्या खबर क्या पता, यह हुई क्या खता .............
8 कल दूर थी मुझसे, अब आगोश में तु है ...........
9 हे चंचल शोक हसीना, मैं हूँ तेरा दीवाना .............
10 नखरा तेरा वल्ला वल्ला, चाल शराबी नैन गुलाबी ..................
11 मैं तो कहता हूँ तु रुक जा, या रूक जाये मेरी धड़कन .............
12 फूलों से चिंगारियाँ है, शोलों से गिर रही शबनम ...........
13 जगया जगया मैं रातों को, तु निंदिया कैसे ले गई ...............
14 उसकी वो परछाई दिन में भी रात ले आई ..............
15 ये दिल की कश्ती है, बह जाये तो बह जाये ................
16 प्यार की महफ़िल सजाने से, पहले प्यार समझ ले............
17 लेके दामन में खुशियाँ, बाँटने प्यार आया हूँ ................
18 चढ़ जाने दे थोड़ी सी, तूने लब से जो पीली है .............
19 तुने चुरा लिया आने वाला कल ...............
20 दीवानी ये फुव्वारे नैनो में डोरे डाले ..............
21 ये इश्क है कोई कलमा, या कोई इबारत है................................
22 बात सच्ची – सच्ची और अच्छी लगने लगे ............
23 रुत मैंने सावन की ऐसी ना देखी.............
24 यों हम से आँख ना चुरा, भले गोंप दे छुरा ............
25 चेहरे हजार देखे, बरसों गुजार देखे ............
26 ना मार नजर का तीर, ना बदले यह तकदीर ........
27 मुश्ताकेदीद तेरा हूँ, बड़ी मुद्दत से मैं जाना .........
28 दिल दोस्ती डांस कर ले, मौज मस्ती का चांस कर ले......
29 इक अनजाने सफर से, अपना वास्ता है जाना .........
30 कल तक तो दीवाने थे, आज थोड़ा है पागलपन......
मुक्तक –( प्रत्येक पृष्ठ पर 3 मुक्तक संगृहित हैं )
31 जो आज साथ बैठो, प्रेम हाला पिला दूंगा ...................
32 दे दे के घाव तूने, घायल बना दिया है .................
33 छोड़ोगी उसे कैसे, जो छुट ना ही ना जाने .............
34 तरावट देती है मन को, लगती तु हिमानी है.......
35 ले ले तु लिहाफ या हाथों को रगड़ ले ...........
ग़ज़ल
36 इस दिल की कश्ती पर, नज़रों का कैसा प्रहार हुआ
ना तुझको इख्तियार हुआ, ना मुझको इख़्तियार हुआ .........
37 खुदा की करामात या मोहब्बत का असर
कि टूट के भी तुम गए हो निखर ...........
38 करो इन्तजार कह के बैठाया बड़ी मुद्दत से
समझा होगी हाँ एक दिन इस नसीहत से........
39 उसकी निगाह यह काम कर गई
आँखों ही आँखों में गुमनाम कर गई........
40 इस शहर में गम नहीं
यहाँ शहर है, हम नहीं
….लोकेश इंदौरा
हर कोई हो रहा है, कहीं ना कहीं आहत ||
कोई करता है सियासत, देता कोई इजाज़त |
दो दिलों की जरूरत, नाम इसका बस है चाहत ||
छिप ना पाये कोई राज, कोई ऐसी दवा दे दे |
जो चाहे वो मिल जाये, कोई ऐसी दुआ दे दे ||
यह तो शर्म की लाली, ढक देती दिल की बातें |
दिल उड़के चला आये, कोई ऐसी हवा दे दे ||
न मांगू मैं कोई शबनम, ना जन्नती नीर माँगू मैं
न माँगू मैं कोई लैला, ना कोई हीर माँगू मैं
मेरे खुदा तेरी रहमत थोड़ी मुझ पर जो हो जाये
वो कर ले हमे भी याद, बस यह तकदीर माँगू मैं
प्यासा है मेरा सावन, प्यासा मेरा जुनूं है
मेरे दिल का हर जर्रा, तेरे दिल से रूबरू है
तेरे तन पे समाई, मेरे मन की आबरू है
लगे ख़त्म आशिकी है, लगी हुई अब शुरू है
इस काव्य संग्रह में 30 गीत, 15 मुक्तक और 5 ग़ज़ल हैं| जिनमें गीतों की प्रारम्भिक मुखड़े पंक्ति इस प्रकार है
काव्य सूची
गीत
1 इक चिंगारी सुलगाके, दिल को तु राख कर गई
पहले डूबे थे नैना, अब नैनों में उतर गई.........................
2 ये दिल की कश्ती है, बह जाये तो बह जाये
बात लब तक आकर के, रह जाये तो रह जाये....................
3 रोज रोज ख्वाबों में, खोज – खोज ना आया करो
अच्छा आ भी जाओ, पर नखरे संग ना लाया करो....................
4 मेरी जिन्दगी का मकसद, बस है तुम्हारा साथ ...........
5 कदम जो ये बहक जाये, सहारा तुम दे देना .........
6 मेरे दिल के पिंजरे में, इक चिड़िया रहती है ............
7 क्या खबर क्या पता, यह हुई क्या खता .............
8 कल दूर थी मुझसे, अब आगोश में तु है ...........
9 हे चंचल शोक हसीना, मैं हूँ तेरा दीवाना .............
10 नखरा तेरा वल्ला वल्ला, चाल शराबी नैन गुलाबी ..................
11 मैं तो कहता हूँ तु रुक जा, या रूक जाये मेरी धड़कन .............
12 फूलों से चिंगारियाँ है, शोलों से गिर रही शबनम ...........
13 जगया जगया मैं रातों को, तु निंदिया कैसे ले गई ...............
14 उसकी वो परछाई दिन में भी रात ले आई ..............
15 ये दिल की कश्ती है, बह जाये तो बह जाये ................
16 प्यार की महफ़िल सजाने से, पहले प्यार समझ ले............
17 लेके दामन में खुशियाँ, बाँटने प्यार आया हूँ ................
18 चढ़ जाने दे थोड़ी सी, तूने लब से जो पीली है .............
19 तुने चुरा लिया आने वाला कल ...............
20 दीवानी ये फुव्वारे नैनो में डोरे डाले ..............
21 ये इश्क है कोई कलमा, या कोई इबारत है................................
22 बात सच्ची – सच्ची और अच्छी लगने लगे ............
23 रुत मैंने सावन की ऐसी ना देखी.............
24 यों हम से आँख ना चुरा, भले गोंप दे छुरा ............
25 चेहरे हजार देखे, बरसों गुजार देखे ............
26 ना मार नजर का तीर, ना बदले यह तकदीर ........
27 मुश्ताकेदीद तेरा हूँ, बड़ी मुद्दत से मैं जाना .........
28 दिल दोस्ती डांस कर ले, मौज मस्ती का चांस कर ले......
29 इक अनजाने सफर से, अपना वास्ता है जाना .........
30 कल तक तो दीवाने थे, आज थोड़ा है पागलपन......
मुक्तक –( प्रत्येक पृष्ठ पर 3 मुक्तक संगृहित हैं )
31 जो आज साथ बैठो, प्रेम हाला पिला दूंगा ...................
32 दे दे के घाव तूने, घायल बना दिया है .................
33 छोड़ोगी उसे कैसे, जो छुट ना ही ना जाने .............
34 तरावट देती है मन को, लगती तु हिमानी है.......
35 ले ले तु लिहाफ या हाथों को रगड़ ले ...........
ग़ज़ल
36 इस दिल की कश्ती पर, नज़रों का कैसा प्रहार हुआ
ना तुझको इख्तियार हुआ, ना मुझको इख़्तियार हुआ .........
37 खुदा की करामात या मोहब्बत का असर
कि टूट के भी तुम गए हो निखर ...........
38 करो इन्तजार कह के बैठाया बड़ी मुद्दत से
समझा होगी हाँ एक दिन इस नसीहत से........
39 उसकी निगाह यह काम कर गई
आँखों ही आँखों में गुमनाम कर गई........
40 इस शहर में गम नहीं
यहाँ शहर है, हम नहीं
….लोकेश इंदौरा